नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB) जिला करनाल के जिला अध्यक्ष श्री रमेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने आज जिला करनाल के नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक श्री कर्ण गोयल, भारतीय पुलिस सेवा का बुके भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर संस्था द्वारा पुलिस अधीक्षक महोदय को NHRCCB पुलिस स्मृति सम्मान से भी सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक महोदय ने संस्था द्वारा किए जा रहे जनहित एवं मानवाधिकार संरक्षण से संबंधित कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की और कार्यों की सराहना की। इस दौरान करनाल टीम के सदस्य श्री सुरेश कुमार गिल, श्री कृष्ण पाल एवं श्री राजिंदर कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
Teachers' Day Celebrations Held Grandly in Sitaramapuram Students Gain Awareness on Constitution and Laws – Quiz and Essay Writing Competitions Conducted Cash Prizes Awarded to Winners – Teachers and Officials Felicitated Sitaramapuram, September 05: In commemoration of Teachers' Day, special awareness seminars on the Constitution, laws, and human rights, alongside essay writing and quiz competitions, were organized for students by the National Human Rights Crime Control Bureau (NHRC&CCB–AP) at KGBV, AP Model School, and ZPHS Ayyavaripalli in Sitaramapuram Mandal, Sri Potti Sriramulu Nellore District. Under the directives of National Chairman Dr. Randhir Kumar and the guidance of State President Edama Tirupataiah, these events were grandly conducted under the leadership of District President Pidatala Tirupataiah. KGBV Sitaramapuram – Winners & Felicitations: Under the supervision of KGBV Special Officer (SO) S.K. Shahida, cash prizes were awarded to the winners of the quiz competitions: * First Prize (₹2,222/-): P. Joshna * Second Prize (₹1,111/-): S. Jahnavi * Third Prize (₹555/-): S. Renuka Ch. Vasundhara (CRT), who prepared the students for the competitions and worked towards their stellar performance, was specially felicitated as the Best Teacher. AP Model School Sitaramapuram – Outstanding Talent: Students of the Model School showcased exceptional talent in the competitions held under the leadership of Principal S. Sameera and Vice Principal Srihari. * First Prize (₹2,222/-): P. Amrutha * Second Prize (₹1,111/-): M. Varun * Third Prize (₹555/-): K. Archana M. Srilakshmi, who encouraged the students and guided them to victory, was presented with the Best Teacher Award. ZPHS Ayyavaripalli – Enthusiastic Competitions: Competitions at the school were conducted with great enthusiasm under the chairmanship of HM S.K. Shafi Ahmed. * First Prize (₹2,222/-): G. Ramyasri * Second Prize (₹1,111/-): B. Lakshmi * Third Prize (₹555/-): S. Alekhya * Fourth Place (Special Prize of ₹555/-): B.V. Nandini A.V. Ramanayya, who mentored the students, was felicitated as the Best Teacher. Organizers' Message: Speaking on the occasion, the NHRC organizers stated, — "The main objective of this program is to foster a sense of responsible citizenship among students by creating awareness about national human rights, the Constitution, and laws right from their student days." Honoring the noble services of teachers and instilling legal consciousness among students, this program received special appreciation from the people and educators of Sitaramapuram Mandal.
*शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए शिक्षक हुए “छत्तीसगढ़ शिक्षा रत्न" से सम्मानित* *जगदलपुर।* शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए जिले के चार प्रख्यात शीक्षकों को *राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो, बस्तर संभाग* द्वारा प्रतिष्ठित *"छत्तीसगढ़ शिक्षा रत्न"* सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान ब्यूरो के *बस्तर संभाग अध्यक्ष श्री जगमोहन सोनी जी एवं संभाग उपाध्यक्ष श्री प्रेमदास मानिकपुरी जी* के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया। सम्मानित होने वालों में *डॉ. प्रतिभा पनिग्राही, श्रीमती उषा रानी साहा, श्री अंशुल पनिग्राही एवं श्री सुदीप रंजन साहा* शामिल हैं। इस अवसर पर बताया गया कि *डॉ. प्रतिभा पनिग्राही जी ने 30 वर्षों* से और *श्रीमती उषा रानी साहा जी ने 40 वर्षों* से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी निरंतर सेवाएं देकर सैकड़ो विद्यार्थियों का भविष्य संवारा है। गौरव की बात यह है कि दोनों ने अपने पुत्रो *श्री अंशुल पनिग्राही* (माता डॉ प्रतिभा पनिग्राही )एवं *श्री सुदीप रंजन साहा* (माता श्रीमती उषा रानी साहा )को भी एक सफल और आदर्श शिक्षक के रूप में इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, जो आज स्वयं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। श्री सोनी एवं श्री मानिकपुरी ने कहा कि ऐसे शिक्षकों के कारण ही समाज में शिक्षा की अलख जल रही है। इस उपलब्धि पर समस्त क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त किया है।
मानवाधिकार : एक परिचय — जागरूकता, प्रशिक्षण और नई दिशा रायपुर | राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) छत्तीसगढ़ टीम द्वारा “मानवाधिकार : एक परिचय” विषय पर एकदिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में विधि, प्रशासन, सुरक्षा, मीडिया, चिकित्सा एवं उद्योग जगत से जुड़े प्रतिष्ठित विशेषज्ञों एवं महानुभावों ने सहभागिता की और अपने-अपने क्षेत्र के अनुभव एवं महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कार्यक्रम में माननीय श्री आशीष श्रीवास्तव जी, चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसलिंग, रायपुर; माननीय रिटा. मेजर श्री प्रवीण सिंह जी, एक्स. एसएसपी, बस्तर, आर्मी कोच एवं डायरेक्टर; माननीय डॉ. शाहिद अली जी, सुप्रसिद्ध मीडिया शिक्षाविद्, प्राध्यापक, जनसंचार विभाग, केटीयू एवं चेयरमैन, PRSI रायपुर चैप्टर; माननीय श्री शिवशंकर सोनपीपरे जी, राष्ट्रीय महासचिव, न्यू छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट फाउंडेशन; माननीया डॉ. प्रीति केशरवानी जी, एमडी रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट एवं कैंसर रोग विशेषज्ञ; तथा माननीय श्री नरेंद्र सिंह नेहरा जी, डायरेक्टर (टेक्निकल), नकोड़ा पाइप्स इंपेक्स लिमिटेड, रायपुर ने महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में मानवाधिकारों की मूल अवधारणा, शिक्षा के अधिकार कानून, संविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेद एवं नागरिक अधिकार, स्वास्थ्य संबंधी अधिकार, पत्रकारिता एवं मीडिया की भूमिका तथा उद्योग एवं श्रमिकों के अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर उपयोगी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञ वक्ताओं के मार्गदर्शन ने उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों को मानवाधिकार संरक्षण एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यशाला केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में मानवाधिकार जागरूकता और सामाजिक सरोकारों की दिशा में एक नई ऊर्जा और नई सोच का शुभारंभ रही। कार्यशाला में शामिल पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ एनएचआरसीसीबी छत्तीसगढ़ टीम की एक नई एवं सशक्त शुरुआत की गई। आने वाले समय में टीम द्वारा मानवाधिकार जागरूकता, प्रशिक्षण, जनहित एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। NHRCCB Chhattisgarh Team मानवाधिकार जागरूकता • प्रशिक्षण • जनसेवा “जन जन का अधिकार — मानवाधिकार” #NHRCCB #NHRCCBChhattisgarh #HumanRights #मानवाधिकार #मानवाधिकारजागरूकता #HumanRightsAwareness #TrainingWorkshop #Chhattisgarh #Raipur #HumanRightsTraining
धनवार। मानवाधिकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को पीएम श्री मध्य विद्यालय, धनवार में साइबर डिजिटल सुरक्षा एवं मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर अपराध से बचाव, डिजिटल सुरक्षा, बैंकिंग सुरक्षा, मानवाधिकार तथा विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना था। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के बच्चों द्वारा अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं सम्मान करने के साथ हुई। बच्चों ने उत्साहपूर्वक अतिथियों का अभिनंदन किया, जिससे कार्यक्रम का माहौल प्रेरणादायक और सौहार्दपूर्ण बन गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गिरिडीह के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) अमित कुमार चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल तकनीक आज शिक्षा, बैंकिंग और दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। इसके साथ साइबर अपराध का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता बड़ी आर्थिक हानि से बचा सकती है। विशिष्ट अतिथि अरबिंद कुमार, पैरालीगल वॉलंटियर (पीएलवी) ने मानवाधिकारों एवं विधिक सहायता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के साथ-साथ दूसरों के अधिकारों का सम्मान करने की सीख दी तथा किसी भी प्रकार के शोषण या अधिकारों के हनन की स्थिति में उचित माध्यम से शिकायत करने की अपील की। मीडिया ऑफिसर विष्णु बजरंगी ने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर बल देते हुए विद्यार्थियों को फर्जी लिंक, संदिग्ध कॉल, ऑनलाइन ऑफर और अनजान लोगों से होने वाली डिजिटल बातचीत से सावधान रहने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 एवं सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि जागरूक नागरिक अपने अधिकारों की रक्षा अधिक प्रभावी ढंग से कर सकते हैं। मीडिया ऑफिसर पवन कुमार बरनवाल ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों को लालच, डर और झूठे विश्वास में लेकर ठगी करते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध संदेश, लिंक या कॉल पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। सीएफएल इंचार्ज गौतम कुमार एवं ट्रेनर बबन कुमार राय ने विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड बनाने, दो-स्तरीय सुरक्षा (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) अपनाने, संदिग्ध मोबाइल एप और लिंक से बचने तथा सोशल मीडिया खातों की गोपनीयता सुरक्षित रखने की जानकारी दी। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरबिंद कुमार पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को पुस्तक ज्ञान के साथ व्यवहारिक जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में उषा बरनवाल, शंकर रविदास, विकास संथालिया, बसंत भारती, महेश प्रसाद, प्रदीप कुमार, कामदेव राय एवं टिंकू विश्वकर्मा समेत विद्यालय के कई शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान आयोजित क्विज प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साइबर सुरक्षा, डिजिटल जागरूकता एवं मानवाधिकार से संबंधित प्रश्नों के सही उत्तर देने वाले विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अंत में आयोजकों ने कहा कि मानवाधिकार आपके द्वार अभियान के तहत आगे भी विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि समाज में सुरक्षित डिजिटल वातावरण, विधिक जागरूकता और मानवाधिकारों के प्रति व्यापक जनचेतना विकसित की जा सके।
नई दिल्ली | 09 अगस्त 2026 राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) द्वारा “पुलिस, न्याय व्यवस्था एवं मानवाधिकार: नागरिक अधिकारों की सुरक्षा में जवाबदेही” विषय पर राष्ट्रीय ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था, न्याय तक नागरिकों की पहुँच, मानवाधिकार संरक्षण तथा जमीनी स्तर पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की भूमिका पर व्यावहारिक एवं विधिक दृष्टिकोण विकसित करना था। वेबिनार की अध्यक्षता NHRCCB के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार ने की। कार्यक्रम में हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहिंदर पाल धनिया मुख्य अतिथि के रूप में तथा अधिवक्ता जितेंद्र पुरोहित, प्रदेश विधिक सलाहकार, मध्य प्रदेश मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन NHRCCB के राष्ट्रीय समन्वयक श्री प्रभात कुमार मिश्रा ने किया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री मान मोहिंदर पाल धनिया ने नागरिकों के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों, पुलिस की जवाबदेही, न्याय तक समान पहुँच तथा मानवाधिकार संरक्षण में कानून एवं प्रशासन की भूमिका पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। चर्चा में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि मानवाधिकार संरक्षण केवल संस्थागत व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर जागरूकता, जिम्मेदार नागरिक सहभागिता और संवैधानिक प्रक्रिया के पालन से भी जुड़ा है। मुख्य वक्ता अधिवक्ता जितेंद्र पुरोहित जी, प्रदेश विधिक सलाहकार, मध्य प्रदेश ने विषय पर अपने संबोधन में पुलिस एवं न्याय व्यवस्था से जुड़े नागरिक अधिकारों, संवैधानिक एवं कानूनी संरक्षण, पुलिस की जवाबदेही तथा न्याय तक प्रभावी पहुँच के महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्यावहारिक एवं विधिक मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला कि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को अपनी भूमिका कानून की निर्धारित सीमाओं के भीतर रखते हुए पीड़ितों को उचित प्रक्रिया एवं सक्षम प्राधिकारी तक पहुँचाने में सहयोग करना चाहिए। वेबिनार के दौरान प्रश्नोत्तरी सत्र में भी विषय से जुड़े जमीनी एवं व्यावहारिक प्रश्नों पर चर्चा हुई, जिनमें मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायत मिलने पर पदाधिकारी की प्रारंभिक भूमिका, पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज न किए जाने की स्थिति में उपलब्ध वैधानिक माध्यम, पुलिस एवं नागरिक के बीच विवाद में मानवाधिकार कार्यकर्ता की भूमिका, नवनियुक्त नए पदाधिकारियों द्वारा की जाने वाली प्रभावी स्थानीय गतिविधियाँ जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। वेबिनार में जेलों में बंद कैदियों के मानवाधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न भी उठाया गया। जेल भ्रमण के दौरान बंदियों की मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य, स्वच्छता, कानूनी सहायता, गरिमापूर्ण व्यवहार तथा उपलब्ध शिकायत एवं निवारण व्यवस्थाओं जैसे पहलुओं को समझने और संबंधित नियमों के अनुरूप ध्यान देने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। इस अवसर पर NHRCCB ने अपने पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे मानवाधिकारों के क्षेत्र में केवल औपचारिक गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता, संवाद, विधिक जानकारी एवं सामाजिक सहभागिता के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करें। कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रीय समन्वयक श्री प्रभात मिश्रा ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे संवाद मानवाधिकारों को जमीनी स्तर तक पहुँचाने तथा पदाधिकारियों को उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। NHRCCB ने भविष्य में भी मानवाधिकार, नागरिक अधिकार, विधिक जागरूकता एवं जनहित से जुड़े विषयों पर ऐसे राष्ट्रीय संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। National Human Rights & Crime Control Bureau (NHRCCB) 🌐 www.nhrccb.org 📞 National Helpline: +91 91117 30311
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जतिंदरपाल सिंह के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार तथा बस्तर संभाग अध्यक्ष श्री जगमोहन सोनी के नेतृत्व में "सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य" विषय पर पुलिस विभाग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) के संयुक्त तत्वावधान में आराधना कॉन्वेंट स्कूल, पखांजूर में विद्यार्थियों के लिए एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को यातायात नियमों, साइबर अपराधों से बचाव, महिला एवं बाल सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, मोबाइल के संतुलित उपयोग तथा मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का आयोजन NHRCCB के जिला अध्यक्ष, कांकेर एवं कार्यकारी प्रदेश कोऑर्डिनेटर श्री प्रद्युम्न शुक्ल तथा NHRCCB की टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों, सड़क सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, महिला एवं बाल संरक्षण, डिजिटल सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें कानून के प्रति जागरूक, अनुशासित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। यातायात शाखा कांकेर की ओर से रक्षित निरीक्षक एवं यातायात प्रभारी श्री दीपक साव ने सड़क सुरक्षा, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व तथा नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन प्रत्येक नागरिक की नैतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी है तथा छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुर्रे ने विद्यार्थियों को कानून का सम्मान करने, अनुशासित जीवन अपनाने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया। एसडीओपी श्री कुलदीप बंजारे ने साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल जागरूकता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को OTP, बैंकिंग विवरण, पासवर्ड एवं अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने की सलाह दी। थाना प्रभारी श्री तेज वर्मा (पखांजूर) एवं थाना प्रभारी श्री अनिल पालेश्वर (बड़गांव) ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा हथियार मानने तथा जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का संदेश दिया। NHRCCB के जिला अध्यक्ष, कांकेर एवं कार्यकारी प्रदेश कोऑर्डिनेटर श्री प्रद्युम्न शुक्ल ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता और नैतिक शिक्षा ही एक सशक्त एवं सुरक्षित समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जागरूक विद्यार्थी अपने परिवार, विद्यालय और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बन सकते हैं तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे। महिला रक्षा टीम, कांकेर की ओर से महिला प्रधान आरक्षक शौसिल्या टेकाम एवं महिला आरक्षक नीलू कोमरे ने छात्र-छात्राओं को गुड टच-बैड टच, महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, आत्मरक्षा एवं आत्मविश्वास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना किसी भय के अपने माता-पिता, शिक्षक, पुलिस अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को तत्काल सूचना देने का संदेश दिया। इस अवसर पर आरक्षक पूरन सिंह मण्डावी एवं आरक्षक मंजीत जुर्री ने भी कार्यक्रम के सफल संचालन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। विद्यार्थियों को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते हुए उन्हें मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यक एवं शैक्षणिक कार्यों तक सीमित रखने तथा खेलकूद, पुस्तक अध्ययन और रचनात्मक गतिविधियों में अधिक समय देने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों एवं महिला रक्षा टीम द्वारा सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया गया। इससे विद्यार्थियों में कानून, सुरक्षा, मानवाधिकार एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई। इस अवसर पर आराधना कॉन्वेंट स्कूल की प्राचार्य सिस्टर मरिया, उप-प्राचार्य सिस्टर ट्रेसा, विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार ने पुलिस विभाग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नैतिक शिक्षा एवं सुरक्षित भविष्य के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों ने स्वयं जागरूक रहने, दूसरों को भी जागरूक करने तथा कानून, मानवाधिकार एवं सामाजिक मूल्यों का पालन करते हुए एक सुरक्षित, शिक्षित और जिम्मेदार समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। #NHRCCB #HumanRights See less
गोलाघाट (असम), 02 अगस्त 2026। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) की असम राज्य इकाई द्वारा गोलाघाट जेल मार्केट के व्यवसायियों के सहयोग से बाढ़ प्रभावित देरगांव (Dergaon) विधानसभा क्षेत्र के द्वारकामाई में एक विशेष बाढ़ राहत एवं स्वास्थ्य सहायता शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस मानवीय पहल का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित परिवारों तक आवश्यक राहत सामग्री एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएँ पहुँचाना था। असम में हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने देरगांव निर्वाचन क्षेत्र के द्वारकामाई सहित अनेक क्षेत्रों में व्यापक तबाही मचाई है। बाढ़ के कारण 72 से अधिक परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। जलभराव के बाद क्षेत्र में जलजनित बीमारियों, स्वच्छ पेयजल की कमी, मच्छरों के बढ़ते प्रकोप तथा स्वच्छता संबंधी गंभीर चुनौतियाँ उत्पन्न हो गई हैं। ऐसे कठिन समय में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत एवं स्वास्थ्य सुरक्षा की आवश्यकता को देखते हुए एनएचआरसीसीबी असम टीम ने राहत अभियान चलाया। राहत शिविर के दौरान प्रभावित परिवारों के बीच 300 पैकेट ओआरएस, 150 सैनिटरी पैड, 150 क्लोबेटा जेल, 150 बोतल फिनाइल लिक्विड, 150 पैकेट सर्फ एक्सेल डिटर्जेंट, 300 सर्जिकल मास्क, 300 बोतल मिनरल वाटर, 150 पैकेट मैरी गोल्ड बिस्कुट, 150 पैकेट मच्छर अगरबत्ती, 150 पैकेट मोमबत्तियाँ तथा बुखार, गैस्ट्रिक एवं दस्त (डायरिया) से संबंधित आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों का वितरण किया गया। राहत शिविर को सफल बनाने में श्री गुड्डू प्रसाद वर्मा (प्रदेश उपाध्यक्ष, असम), श्री मनीष कुमार गुप्ता (प्रदेश महासचिव), सुश्री ज्योतिका दुवाराह (जिला महासचिव), सुश्री मयूराक्षी कोलिता (सक्रिय सदस्य) तथा सुश्री कमलजीत कौर (सक्रिय सदस्य) की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही। सभी पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर एनएचआरसीसीबी असम राज्य इकाई ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय पीड़ितों की सहायता करना मानवता की सच्ची सेवा है। संगठन मानवाधिकारों की रक्षा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी राहत, पुनर्वास एवं जनकल्याण से जुड़े ऐसे अभियान निरंतर संचालित करता रहेगा। एनएचआरसीसीबी असम राज्य इकाई ने इस राहत अभियान में सहयोग देने वाले गोलाघाट जेल मार्केट के सभी व्यवसायियों, स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक सहयोग और सामाजिक सहभागिता से आपदा प्रभावित परिवारों को शीघ्र सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता मिलेगी।
हरियाणा प्रदेश मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अमरनाथ ने विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील हेतु घटिया गुणवत्ता का गुड़ एवं राशन सामग्री भेजे जाने संबंधी समाचार पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कड़ा संज्ञान लिया है। प्रकाशित समाचार के अनुसार हरियाणा के पांच जिलों के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के मिड-डे मील के लिए निम्न गुणवत्ता का गुड़ एवं राशन भेजा गया। कई विद्यालयों में 20 किलोग्राम से लेकर 50 किलोग्राम तक खराब एवं अनुपयोगी गुड़ की आपूर्ति किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह अत्यंत गंभीर विषय है, क्योंकि इससे हजारों स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। श्री अमरनाथ ने कहा कि बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सरकार और संबंधित विभागों की संवैधानिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है। घटिया खाद्य सामग्री की आपूर्ति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का भी गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में हरियाणा प्रदेश मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो द्वारा अप्रैल 2026 में हरियाणा राज्य मानवाधिकार आयोग के समक्ष शिकायत संख्या 738/7/0/2026 प्रस्तुत की गई थी। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए निदेशक, प्राथमिक शिक्षा, हरियाणा, पंचकूला से एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है। ब्यूरो ने राज्य सरकार एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि— 1. दोषी अधिकारियों, आपूर्तिकर्ताओं एवं ठेकेदारों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए। 2. सभी प्रभावित विद्यालयों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की तत्काल जांच कर विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील उपलब्ध कराया जाए। 3. राशन की खरीद, गुणवत्ता परीक्षण एवं वितरण प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। हरियाणा प्रदेश मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं मानवाधिकारों से जुड़े प्रत्येक मामले पर संगठन सतत निगरानी रखेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर कानूनी एवं संवैधानिक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। जारीकर्ता: हरियाणा प्रदेश राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) प्रदेश उपाध्यक्ष अमरनाथ
प्रेस विज्ञप्ति दिनांक : 02.08.2026 राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) के कोल्हान प्रमंडल द्वारा जी टाउन क्लब, जमशेदपुर के उत्सव हॉल में एक भव्य गेट-टु-गेदर एवं सम्मान समारोह का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक श्री सरयू रॉय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में माननीय विधायक श्री सरयू रॉय ने मानवाधिकारों के संरक्षण, सामाजिक न्याय एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन समाजहित में उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने तथा नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर आयोजन करने का सुझाव देते हुए संगठन को हरसंभव सहयोग एवं समर्थन देने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने संगठन के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को उनके सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इस अवसर पर झारखंड राज्य उपाध्यक्ष श्री गुरप्रीत सिंह, कोल्हान प्रमंडल अध्यक्ष श्री धनंजय कुमार शर्मा, पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष श्री अजित शर्मा, राष्ट्रीय सह सचिव श्री विनय चंद्रा तथा जिला अध्यक्ष सुश्री पूजा शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन पूर्वी सिंहभूम के जिला सचिव श्री राजदीप सेन एवं सरायकेला-खरसावां की जिला सचिव सुश्री अंजली शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। समारोह के दौरान संगठन के सदस्यों के बीच आपसी समन्वय, संगठनात्मक मजबूती तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। मानवाधिकार संरक्षण, अपराध नियंत्रण, सामाजिक जागरूकता एवं जनसहभागिता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझावों का आदान-प्रदान किया गया। यह आयोजन संगठन के सदस्यों के उत्साहवर्धन, मानवाधिकारों के संरक्षण, अपराध नियंत्रण के प्रति जनजागरूकता तथा सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ। जारीकर्ता PR Team National Human Rights & Crime Control Bureau (NHRCCB)
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